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Saturday, 15 February 2020

ऐसा था Shiv का Demon Son :- जलंधर!

भगवान शिव को देवो के देव भी कहा जाता है।यूं कहें तो भगवान शिव के तो अनेक पुत्र है।कार्तिकेय, गणेश और अशोक सुंदरी भगवान शिव के ही पुत्र और पुत्री है।पर आप लोगो में से बहुत कम ही लोग जानते होंगे की जलंधर भी भगवान शिव का ही पुत्र था।जलंधर ने तीनों लोकों को अपने अधीन कर लिया था और स्वर्ग का राजा बन बैठा।जलंधर को भगवान शिव का Demon Son भी कहा जाता है मतलब राक्षस पुत्र।इस पोस्ट में मैं आपको बतावउँगा की आखिर कौन था जलंधर ।


एक बार की बात है जब महादेव कैलाश पर घोर तपस्या में लीन थे तब इंद्रदेव महादेव से मिलने कैलाश पर आये।महादेव ने इंद्र की परीक्षा लेने हेतु एक अघोरी का अवतार लिया।वो अघोर अवतार लिए ठीक बीचो बीच बैठ गए।इंद्र ने अघोरी को कहा कि वो उसका रास्ता छोर दे और उसे कैलाश पर जाने दे।पर अघोरी अवतार में विराजमान महादेव ने इंद्र को मना कर दिया।ये सब देखकर इंद्र को बहुत क्रोध हुआ और उसने उस अघोरी को चेतावनी दी अगर वो उसे नही जाने देगा तो वो उसे मृत्युदंड देगा।तब महादेव ने अपना असली रूप इंद्र को दिखाया।ये सब देख इंद्र बहुत लज़्ज़ित हुआ।महादेव ने अपनी तीसरी आँख खोल दी।महादेव की तीसरी आँख ने अग्नि है जो किसी को भी भस्म कर सकती है।बहुत देवी देवता के मानाने पर महादेव ने वो अग्नि का तेज जो की महादेव की तीसरी आँख से निकली थी,उसे समुद्र ने फेंक दिया।तभी उस तेज से एक रोते हुए बच्चे का जनम हुआ।ऐसा कहा जाता है कि वो बालक के रोने की ध्वनि इतनी तेज थी की खुद ब्रह्मा भी डर गए।ब्रह्मा ने उस बालक को अपनी गोद में उठाया और उसका नामकरण भी किया।ब्रह्मा ने उसका नाम जलंधर रखा।ऐसा इसलिए क्योंकि जलंधर का मतलब है जो जल के अंदर हो।

जलंधर की परवरिश उसकी माँ ने किया।पर इंद्रदेव ने जलंधर की माँ की हत्या कर दी।तब से जलंधर इंद्र का घोर सत्रु बन गया।जलंधर ने इंद्र से ऐरावत हाथी भी छीन ली और स्वर्गलोक पर अपना आधिपत्य जमा लिया।जलंधर के गुरु का नाम शुक्राचार्य था जो असुर के प्रमुख गुरु माने जाते है।जलंधर ने कालनेगी की पुत्री वृंदा से विवाह किया था।कालनेगी एक असुर था।वृंदा जलंधर से वहुत प्रेम करती थी,इसी के चलते जलंधर का कोई कुछ नही बिगाड़ सकता था।ऐसा इसलिए क्योंकि वृंदा एक पति वर्ता औरत थी।माता लक्ष्मी ने जलंधर को अपना भाई बना लिया।

क्या आप जानते है कि जलंधर महादेव का महासत्रु था।एक बार की बात है जलंधर को माता पार्वती से प्रेम हो गया।वो माता पार्वती से शादी करना चाहता था।ये सब सुनकर माता पार्वती को वहुत क्रोध हुआ।जलंधर ने महादेव से कहा कि आप तो एक योगी है फिर भी आपकी पत्नी है।ये सुनकर महादेव को वहुत क्रोध हुआ और महादेव और जलंधर के बीच एक प्रलयकारी युद्ध हुआ जिससे समस्त ब्रह्मांड कांप उठी।महादेव ने अपनी त्रिशूल से जलंधर का वध किया।

आपके घर ने तुलसी का पौधा तो ज़रूर होगा,वास्तव में ये जलंधर की पत्नी वृंदा है।वृंदा के पति व्रत के कारण जलंधर को कोई नही मार सकता था।तब भगवान विष्णु ने जलंधर का वेश ओढ़कर वृंदा का पति व्रत तोड़ दिया।जलंधर अगर शिव का राक्षस पुत्र था तो पराक्रमी भी था।

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